शारीरिक शिक्षा में खेल मनोविज्ञान का महत्व
खेल मनोविज्ञान के आधार पर हम खिलाड़ियों को अध्यापन का सही तरीका सिखा सकते हैं जिससे उनका व्यक्तित्व बार में प्रवर्ती भी अनुकूल हो जाएगी और खिलाड़ी को भी वह अध्यापन तरीका समझ आ जाएगा
खेल मनोविज्ञान खिलाड़ी की नियम को मजबूत करने का कार्य करते हैं बस में काफी मददगार होते हैं जिससे खिलाड़ी में विकास भैया मजबूत तरीके से बढ़ती है अपने प्रदर्शन स्तर को भी बेहतर कर एक अच्छा खिलाड़ी बन सकता है शादी खेल कौशलों को भी स्पष्ट में सही ढंग से इस्तेमाल करना सीख जाएगा
खेल मनोविज्ञान के द्वारा खिलाड़ी में खेल के प्रति जागरूकता यदि जरूरत पड़ती है जो उसे खेल के बारे में ज्ञान अर्जित करने का अवसर देती है उनके प्रयोगों सब एक बेहतर खिलाड़ी बन जाता है
लाडी को भय मुक्त बनाने का प्रयास करता है जिससे वह को दूसरे खिलाड़ी में अपने सीनियर हो से खेल संबंधित किसी भी विषय पर वार्तालाप करने में सक्षम हो जाता है वह अपने खेल के स्तर को सुधार कर उसके अनुभवों से भी बहुत कुछ सीख सकता है और अपने प्रदर्शन स्तरों को उचित स्तर तक ले जाने में सक्षम बन जाता है
खेल मनोविज्ञान द्वारा हमें प्राप्त होने वाला ज्ञान मृत्यु तक हमें प्राप्त होता रहता है जो हमारे अनुभव के माध्यम से हमें अजित होता है क्या समझ द्वारा प्राप्त होता है हमें अपने जीवन के प्रत्येक क्षण में होने वाले अनुभव के माध्यम से प्राप्त होता है