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थकान (Fatigue)
जब कोई व्यक्ति लगातार कार्य करता है तो एक ऐसी अवस्था आती है की उसका शरीर व मन कार्य से ऊब जाता है जिस कारण उसे कार्य करने की इक्क्षा नहीं होती उसका शरीर व मन कार्य से बचकर आराम की माँग करता है उस अवस्था को ही थकान कहते है उस अवस्था में शरीर की ऊर्जा में भी कमी आ जाती है उसके लिया शरीर को आराम व भोजन की जरूरत होती है थकान का एक कारण ऊर्जा की कमी भी होता है शरीर अपनी योग्यता के अनुसार ही कार्य करता है इसे हम लगातार परिश्र्म के द्वारा बढ़ा सकते है उस प्रकार हमे थकान भी कम होती है
थकान के प्रकार (Kinds of fatigue)
थकान दो प्रकार की होती है
शारीरिक थकान
व्यक्ति द्वारा किसी कार्य को निरंतर करने से उसके शरीर की आंतरिक अंग की क्रिया पीड़ा दायक हो जाती है मासपेशी में भी खिचाव आ जाता है जिसके कारण शरीर भारी लगने लगता है कार्य करने पर श्री में दर्द महसूस होता है जिसे हम शारीरिक थकान कहते है शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है आलस्य महसूस होता है जो हमे आराम करने से और भोजन पश्चात ही दूर होता है ऐसी स्थिति में व्यक्ति शक्ति हीन महसूस करता है
मानसिक थकान
जब कोई व्यक्ति किसी कार्य को निरंतर करता रहता है तो वो न केवल शारीरिक रूप से थकान महसूस करता है बल्कि मानसिक रूप से भी तनाव , चिंता , थकान महसूस करता है यह मुख्य रूप से विद्यार्थी , ऑफिस में कार्य करने वाले व्यक्ति जो मानसिक रूप से ज्यादा कार्य करते है उनको ज्यादा महसूस होती है इस थकान में व्यक्ति की कार्य के प्रति रूचि खत्म हो जाती है क्रोध की भावना उत्प्रन होती है कार्य के प्रति ध्यान नहीं होता है
थकान के कारक
- जब कोई व्यक्ति लगातार किसी कार्य को करता रहता है तो उसके शरीर की कोशिका में निरंतर हास् होता रहता है और नई कोशिका का निर्माण की दर कम होती है जिसके कारण हमारी मासपेशीयो में तनाव होता रहता है
- जब हम कार्य तेज गति से करते है तो रक्त में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है जिससे विषैले पर्दाथ की मात्रा शरीर में बढ़ जाने से व्यक्ति थकान का अनुभव करता है विषैले प्रदार्थ की अधिकता के कारण व्यक्ति नींद , आलस्य का अनुभव करता है
- मानसिक रूप से व्यक्ति चिंता , तनाव , आदि कारण से थकान महसूस करता है लम्बे समय तक कार्य करने के बावजूद सफलता प्राप्त न होना भी मानसिक तनाव का कारण होता है
थकान के लक्षण
थकान होने पर कुछ लक्षण महसूस होते है जो निम्न है
- आँखे भारी-भारी लगने लगती है
- नींद आना और जम्भाई लेना
- स्वभाव में बदलाव गुस्सा आना, कार्य के प्रति मन न लगना
- कार्य करने में अधिक समय लगना , कमजोर महसूस करना
- कार्य में बार बार गलती करना , सिर दर्द होना
थकान दूर करने के उपाय
- थकान होने पर आराम करे जिससे हमारे गुर्दो द्वारा रक्त का शुद्धिकरण हो सके जिसके कारण विषेलो पदार्थ का प्रभाव कम हो जाता है
- थकान को दूर करने के लिए लम्बे लम्बे श्वास ले जिससे ऑक्सीजन अधिक मात्रा में शरीर को प्राप्त हो
- थकान को दूर करने के लिए किसी मनोरंजन के साधन का प्रयोग कर सकते है
- पोस्टिक आहार का सेवन करे और पर्याप्त नींद ले